गर्मियों की छुट्टियों में जैन बच्चे सीख रहे सात्विक जीवन का पाठ — अभिषेक पूजा से शुरू होती है हर सुबह
- बाल एवं युवा शिक्षण शिविर में प्रतिदिन स्वाध्याय और सामूहिक आराधना के साथ बच्चे जीवन को सही दिशा देने का अभ्यास कर रहे हैं।
विवेक झा, भोपाल। जहाँ एक ओर गर्मी की छुट्टियों में अधिकांश बच्चे मोबाइल और टेलीविजन में समय बिताते हैं, वहीं भोपाल के जैन समाज के बच्चों ने इस वर्ष की ग्रीष्मकालीन अवकाश को एक विशेष और सार्थक रूप दिया है। चौक जिनालय में आयोजित बाल एवं युवा शिक्षण शिविर में बच्चे प्रतिदिन प्रातःकाल भगवान जिनेंद्र का अभिषेक पूजा अर्चना करके अपने दिन की शुरुआत करते हैं।
अष्ट द्रव्य से हुई प्रभु शांतिनाथ की आराधना
चौक जिनालय में शिविर के अंतर्गत बच्चों ने भक्तिभाव के साथ भगवान शांतिनाथ की अष्ट द्रव्य — जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप एवं फल — से पूजा अर्चना की। यह क्रिया केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को जैन सिद्धांतों के अनुरूप अपनी संपूर्ण दिनचर्या को ढालने का अभ्यास कराया जा रहा है। शिविर के दौरान दिन भर जैन आगम के अनुसार आचरण करना अनिवार्य है।
फास्ट फूड का त्याग, सात्विक जीवन का संकल्प
शिविर प्रभारी मोहित बड़कुल ने बताया कि इस शिविर में एक उल्लेखनीय बात यह रही कि अनेक बच्चों ने स्वेच्छा से फास्ट फूड और अन्य अनुपयोगी आहार का त्याग किया है। शिविर के माध्यम से बच्चों को यह सिखाया जा रहा है कि जीवन में सरलता और सात्विकता ही वास्तविक सुख का मार्ग है। प्रतिदिन सामूहिक स्वाध्याय एवं आराधना के सत्र आयोजित किए जाते हैं जिनमें सभी आयु वर्ग के बच्चे सक्रिय भागीदारी करते हैं।
बाहर से पधारे विद्वान दे रहे जीवन-दिशा
शिविर में बच्चों और युवाओं को जैन दर्शन एवं जीवन-मूल्यों की शिक्षा देने के लिए विशेष रूप से बाहर से विद्वान आमंत्रित किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से पं. अशोक मांगुलकर तथा पं. रितेश शास्त्री (इंदौर) शामिल हैं। ये विद्वान सभी आयु वर्गों को अत्यंत सरल और व्यावहारिक भाषा में जीवन की सही दशा और दिशा प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं। अन्य विद्वान भी शिविर में नियमित योगदान दे रहे हैं।
संस्कृति और संस्कारों की रक्षा है मुख्य उद्देश्य
शिविर प्रभारी बड़कुल ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य परस्पर सहयोग की भावना को सुदृढ़ करते हुए भारत की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत और संस्कारों की रक्षा करना है। शिविर में हर आयु वर्ग के प्रतिभागी सम्मिलित हैं — बच्चों से लेकर युवाओं तक सभी एक साथ सीख रहे हैं। यह शिविर न केवल धार्मिक ज्ञान, बल्कि व्यावहारिक जीवनशैली के संस्कार भी प्रदान कर रहा है।
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य
मुमुक्षु मंडल के अध्यक्ष अशोक जैन · मंत्री देवेंद्र बड़कुल · राजीव मोदी · अनुभव जैन · आशुतोष जैन · संजीव जैन एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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