कच्चा अंडा पीना कितना सुरक्षित है? जानें साइंस और हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय

Jun 20, 2026 - 16:31
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कच्चा अंडा पीना कितना सुरक्षित है? जानें साइंस और हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय

बॉडी बिल्डिंग या फिटनेस फ्रीक लोग सुबह-सुबह दूध में कच्चा अंडा मिलाकर पी जाते हैं या फिर इसे सीधे ही खा लेते हैं. जिम जाने वाले युवाओं के बीच यह काफी पॉपुलर है क्योंकि उनका मानना होता है कि पकाने से अंडे के न्यूट्रिएंट्स कम हो जाते हैं. ऐसे कई लोग हैं जो इसे खाना सही मानते हैं और कई लोग नहीं. ऐसे में साइंस इस बारे में क्या कहता है कि कच्चा अंडा खाना फायदेमंद है भी या नहीं इस बारे में जान लीजिए.

क्या कच्चा अंडा पचाना आसान है?
Healthline का कहना है, कई लोग मानते हैं कि कच्चे अंडे से प्रोटीन अधिक मिलता है लेकिन साइंस इसके विपरीत है. दरअसल, इंसानी शरीर पके हुए अंडे के प्रोटीन को 90 प्रतिशत तक आसानी से एब्जॉर्ब कर लेता है जबकि कच्चे अंडे का केवल 50 प्रतिशत प्रोटीन ही शरीर पचा पाता है.

वहीं कच्चे अंडे के सफेद हिस्से में एविडिन (Avidin) नाम का प्रोटीन होता है जो शरीर में बायोटिन (विटामिन B7) के एब्जॉर्प्शन को रोक देता है जिससे इसकी कमी हो सकती है.

साल्मोनेला इंफेक्शन का सबसे बड़ा खतरा
कच्चा अंडा खाने का सबसे खतरनाक पहलू है उसमें मौजूद बैक्टीरिया. अमेरिकन हेल्थ आर्गेनाइजेशन CDC का कहना है, कच्चे या कम पके हुए अंडों में साल्मोनेला नाम का बैक्टीरिया होने का बहुत ज्यादा चांस रहता है.

यह बैक्टीरिया मुर्गी के अंडे देने के दौरान या उसके अंदरूनी हिस्से में पहले से मौजूद हो सकता है. अगर यह शरीर में चला जाए तो फूड पॉइजनिंग हो सकती है जिससे पेट में तेज दर्द, डायरिया, उल्टी, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याएं शुरू हो जाती हैं.

ये लोग भूलकर भी नहीं खाएं कच्चा अंडा
कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए कच्चा अंडा एक मेडिकल इमरजेंसी खड़ी कर सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रेग्नेंट महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को कच्चा अंडा या इससे बनी चीजें (जैसे होममेड मेयोनीज) खाने से पूरी तरह बचना चाहिए. साल्मोनेला बैक्टीरिया का असर इन पर बहुत तेजी से होता है, जो कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकता है.

सेफ रहने के लिए क्या करें?
अगर आप अंडे के सारे न्यूट्रिएंट्स सुरक्षित तरीके से पाना चाहते हैं, तो उसे उबालकर या ऑमलेट बनाकर ही खाएं. अंडे को तब तक पकाएं जब तक कि उसका पीला और सफेद हिस्सा पूरी तरह सॉलिड न हो जाए. हीट के संपर्क में आते ही साल्मोनेला बैक्टीरिया मर जाता है और अंडे का प्रोटीन भी आपकी बॉडी के लिए आसानी से एब्जॉर्ब करने लायक बन जाता है.

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